पटना न्यूज डेस्क: बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया अनुमंडल अस्पताल में सड़क हादसे के एक घायल को मृत घोषित करने के बाद डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में डॉक्टरों ने मंगलवार को करीब ढाई घंटे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखीं और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, नौगढ़ा गांव निवासी गुफरान खान (40) सोमवार देर रात रांची जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार एसयूवी ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें मोहनिया अनुमंडल अस्पताल लाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. प्रदीप कुमार ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों और कुछ स्थानीय लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने डॉक्टर पर मरीज की सही तरीके से जांच न करने का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की। डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि उन्होंने मरीज की पूरी जांच की थी और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज से यह बात स्पष्ट हो जाएगी।
डॉक्टर ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके चेंबर से बाहर खींचकर पीटा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह घटना पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई, लेकिन उन्हें बचाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
इस घटना की इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की भभुआ इकाई ने कड़ी निंदा की। संगठन ने इसे पूरे चिकित्सा समुदाय पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार को उपमंडल पदाधिकारी (SDM) द्वारा 24 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद डॉक्टरों ने अपना विरोध समाप्त किया और ओपीडी सेवाएं फिर से शुरू कर दीं।