पटना न्यूज डेस्क: बिहार के औरंगाबाद जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की कथित तौर पर उनके ही ड्राइवर ने हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, घटना शनिवार शाम बारुण थाना क्षेत्र के धनौती पुल के पास हुई, जब अधिकारी डेहरी से पटना जा रहे थे।
शुरुआत में ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने पुलिस को बताया कि बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला किया। हालांकि पूछताछ के दौरान उसके बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर प्लंबिंग रॉड से अधिकारी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
मगध रेंज के आईजी विकास वैभव के अनुसार, आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से काम के दबाव में था और उसकी अधिकारी से अक्सर बहस होती थी। शनिवार को भी पटना रवाना होने से पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। रास्ते में ड्राइवर ने गाड़ी रोकने की बात कही, लेकिन मना करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि जब अधिकारी गाड़ी से नीचे उतरे तो ड्राइवर ने कार में रखी प्लंबिंग रॉड से उन पर हमला कर दिया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई प्लंबिंग रॉड भी बरामद कर ली है। मामले की जांच जारी है।
मृतक की पत्नी बबीता कुमारी ने बारुण थाने में ड्राइवर मिथिलेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि घटना वाली रात करीब 9:19 बजे ड्राइवर ने फोन कर उनके पति की मौत की जानकारी दी थी। शिकायत में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी पहले भी उनके पति के साथ अभद्र व्यवहार करता था।
इससे पहले बबीता कुमारी ने एक स्थानीय जनप्रतिनिधि पर भी उनके पति को फोन पर परेशान करने और पैसे मांगने का आरोप लगाया था। उन्होंने आशंका जताई थी कि हत्या के पीछे उसकी भी भूमिका हो सकती है।
इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर किसी जनप्रतिनिधि की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी तुरंत एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले ही पुलिस निष्कर्ष पर पहुंच रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।