पटना न्यूज डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में आज महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने के विरोध में आयोजित 'आक्रोश मार्च' के कारण गांधी मैदान और उसके आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं। बापू सभागार से शुरू होने वाले इस मार्च में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए पटना ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर 'नो एंट्री' और 'ड्रायवर्जन' लागू किया है।
प्रमुख ट्रैफिक डायवर्जन और पाबंदियां:
ट्रैफिक एसपी सागर कुमार के अनुसार, गांधी मैदान के चारों ओर ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। दानापुर से राजापुर पुल के रास्ते आने वाले यात्री वाहनों को पुलिस लाइन से ही वापस मोड़ दिया जाएगा। अशोक राजपथ पर गायघाट की ओर से आने वाली गाड़ियां कृष्णा घाट (कुनकुन सिंह लेन) से आगे नहीं जा सकेंगी। इसके अलावा, एक्जीबिशन रोड में भट्टाचार्या चौराहे से गांधी मैदान की ओर और बुद्धमार्ग/छज्जूबाग से कोतवाली की ओर वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।
वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था:
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने रूट के आधार पर पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं:
उत्तर और पश्चिम बिहार: जेपी सेतु, आरा, बक्सर और औरंगाबाद की ओर से आने वाली गाड़ियां दीघा गोलंबर होकर जेपी गंगा पथ पर आयुक्त कार्यालय के सामने पश्चिमी छोर पर पार्क होंगी।
दक्षिण और पूर्व बिहार: गया, जहानाबाद, नवादा और नालंदा से आने वाली बसें और अन्य गाड़ियां गंगा पथ पर आयुक्त कार्यालय के सामने पूर्वी छोर पर एक लेन में खड़ी की जाएंगी।
अधिकारी: मार्च से जुड़े पदाधिकारियों की छोटी गाड़ियों के लिए बापू सभागार के पार्किंग एरिया को सुरक्षित रखा गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए इन वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और पुलिसकर्मियों का सहयोग करें। शाम तक कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ही इन रास्तों पर परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है।