पटना न्यूज डेस्क: पटना जिले में चल रही 30 से अधिक राज्य और केंद्र प्रायोजित परियोजनाओं की रफ्तार तेज करने के निर्देश जिलाधिकारी Thiyagarajan S M ने मंगलवार को समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि जिले में काम की प्रगति संतोषजनक है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसी भी तरह की बाधा दूर करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को लगातार सक्रिय रहना होगा।
जिला प्रशासन फिलहाल नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI), पटना मेट्रो , रेलवे और सड़क निर्माण विभाग जैसी एजेंसियों के साथ कई बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। परियोजनाओं की गति बनाए रखने के लिए डीएम ने निर्देश दिया कि जहां भी एलाइनमेंट में अवरोध हैं, वहां कानूनी प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाया जाए और संरचनाओं को तुरंत शिफ्ट किया जाए।
डीएम ने उप विकास आयुक्त और अपर समाहर्ताओं को नियमित संयुक्त निरीक्षण कर भूमि अधिग्रहण और तकनीकी समन्वय से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान करने का निर्देश दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि पटना मेट्रो की ‘प्राथमिकता कॉरिडोर’—पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से मलाही पकरी तक—भूमि अधिग्रहण की किसी बड़ी बाधा के बिना आगे बढ़ रही है।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर को अहम परियोजना बताया गया। 22 गांवों में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और 952 भू-स्वामियों को 187.34 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किया जा चुका है। पिछले 15 दिनों में ही 2 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को दी गई। वहीं, पटना रिंग रोड और पटना-आरा-सासाराम एनएच-119ए परियोजनाओं के लिए मुआवजा प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। कान्हौली-शेरपुर खंड के लिए 12 से 17 फरवरी तक बिहटा और मनेर में विशेष शिविर लगाकर आवेदन लेकर भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाएगी।