पटना न्यूज डेस्क: पटना के विकास को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित इस बैठक में शहरी विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने मेट्रो परियोजना, प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप और जेपी गंगा पथ के विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत भी मौजूद रहे, जहाँ मेट्रो परियोजना की धीमी गति, लागत में वृद्धि और तकनीकी चुनौतियों पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने मेट्रो परियोजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को सभी बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेट्रो का काम तेज किया जाए ताकि आम लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। बैठक में पटना एयरपोर्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए 'पर्सनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' के प्रस्ताव पर भी गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इस आधुनिक परिवहन समाधान को यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी और सुविधाजनक बताया।
राज्य में नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित 11 सैटेलाइट टाउनशिप के विकास पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इसके लिए निर्धारित चरणों और समय-सारिणी का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया। वहीं, जेपी गंगा पथ के पहले चरण (दीघा से सभ्यता द्वार) के बारे में सड़क निर्माण विभाग ने बताया कि 6 किलोमीटर लंबे इस खंड को 25 सितंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें पार्क, साइकिल ट्रैक, महिला बाजार और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीधे स्थल पर पहुंचकर जेपी गंगा पथ परियोजना का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दीघा, एलसीटी घाट और बांस घाट का दौरा किया और चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि आम नागरिक इस गंगा पथ का सुरक्षित और आनंदमय तरीके से उपयोग कर सकें।