पटना न्यूज डेस्क: बिहार के मौसम में बुधवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है, जिससे चिलचिलाती धूप और उमस झेल रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने राजधानी पटना सहित राज्य के 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज आंधी का पूर्वानुमान जारी किया है। विशेष रूप से उत्तर बिहार के जिलों में दक्षिण बिहार की तुलना में अधिक वर्षा होने के आसार हैं। हालांकि, इस मौसमी हलचल के बावजूद तापमान में किसी बड़े गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं वातावरण को सुहावना बना देंगी।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए उत्तर बिहार के एक बड़े हिस्से में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। अररिया, दरभंगा, चंपारण, किशनगंज और मुजफ्फरपुर सहित दर्जनभर जिलों में मेघ गर्जन के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस तूफानी मौसम के कारण जान-माल के साथ-साथ रबी की फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने और खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहने की सलाह दी है।
पटना और सीमांचल के क्षेत्रों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका प्रभाव अगले 48 घंटों तक रहने का अनुमान है। गोपालगंज, सहरसा, सीवान और वैशाली जैसे जिलों में भी बारिश और बिजली गिरने (वज्रपात) की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगलवार को दर्ज की गई भीषण उमस और 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचे तापमान के बाद, यह बदलाव वायुमंडल में बन रहे दबाव के कारण हो रहा है। गुरुवार तक राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रह सकता है।
भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार के अनुसार, बुधवार शाम या रात को धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। पछुआ हवाओं और नमी के मिलन से बन रहे इस सिस्टम के कारण शाम के समय अचानक मौसम का मिजाज बदल सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, जर्जर इमारतों या बिजली के खंभों से दूर रहें। यह बेमौसम बदलाव जहाँ गर्मी से अस्थायी राहत लाएगा, वहीं किसानों के लिए चिंता का सबब भी बन सकता है।