पटना न्यूज डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (22 अप्रैल) को हुई पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास के लिए कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने नियोजित शहरी विस्तार, अत्याधुनिक तकनीक और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 11 सैटेलाइट टाउनशिप और IIT पटना में रिसर्च पार्क सहित कई बड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।
1. 11 आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप का निर्माण
बिहार के प्रमुख शहरों के चारों ओर 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, जिन्हें उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान के आधार पर नए नाम दिए गए हैं:
पटना: पाटलिपुत्र
सोनपुर: हरिहरनाथपुरम
गया: मगध
दरभंगा: मिथिला
सहरसा: कोशी
पूर्णिया: पूर्णिया
मुंगेर: अंग
भागलपुर: विक्रमशिला
मुजफ्फरपुर: तिरहुत
छपरा: सारण
सीतामढ़ी: सीतापुरम
इन टाउनशिप के लिए जोनल और मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। सट्टेबाजी रोकने और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अगले एक साल तक इन क्षेत्रों में जमीन के लेनदेन पर अस्थायी रोक लगा दी है।
2. IIT पटना में रिसर्च पार्क की स्थापना
कैबिनेट ने IIT पटना में एक समर्पित रिसर्च पार्क स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह परियोजना:
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगी।
उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत करेगी।
लगभग 10,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
3. शिक्षा और कौशल विकास में निवेश
युवाओं के कौशल विकास के लिए राज्य के 75 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक केंद्रों के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इन्हें वर्तमान उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
4. पर्यटन: हरिहरनाथ मंदिर का कायाकल्प
सारण जिले के प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर के पुनर्विकास के लिए ₹680 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना को 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसमें मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का बड़े पैमाने पर बाहरी सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है।
सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, शहरी भीड़भाड़ को कम करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक स्वरूप देना है।