पटना न्यूज डेस्क: पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित एक स्कूल में गुरुवार को सिपाही चालक भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई हुई। परीक्षा केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी की सतर्कता से पुलिस ने छह ऐसे अभ्यर्थियों को पकड़ लिया, जो फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे परीक्षा देने पहुंचे थे। जांच के दौरान इनके कागज़ों में गड़बड़ियां मिलीं। जब अधिकारियों ने पूछताछ की, तो इनके जवाब भी संतोषजनक नहीं लगे। इसके बाद दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच की गई, जिसमें फोटो बदलने और फर्जी पहचान पत्रों के इस्तेमाल का खुलासा हुआ।
जैसे ही मामला साफ हुआ, पुलिस टीम ने बिना देरी छह अभ्यर्थियों को मौके पर हिरासत में ले लिया। परीक्षा केंद्र दंडाधिकारी के लिखित आवेदन पर सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या ये अभ्यर्थी किसी बड़े रैकेट से जुड़े थे या फिर खुद ही जालसाजी कर परीक्षा में शामिल होना चाहते थे। अगर जांच में किसी गैंग की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सचिवालय-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी साकेत कुमार ने कहा कि भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह चौकन्नी है। दस्तावेज़ सत्यापन से लेकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने तक, कई स्तर पर निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी, सिफारिश या फर्जीवाड़ा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी स्तर का हो।
पटना पुलिस ने उम्मीदवारों और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा में किसी भी तरह के शॉर्टकट या गैरकानूनी तरीके का सहारा न लें, क्योंकि ऐसी हर हरकत भविष्य को गंभीर खतरे में डाल देती है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया को स्वच्छ, सुरक्षित और ईमानदार रखने के लिए पटना पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।