मुंबई, 03 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हैदराबाद यूनिवर्सिटी के पास की जमीन पर किसी भी तरह की गतिविधि पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा, तेलंगाना सरकार को जमीन पर पेड़ों की सुरक्षा के अलावा कोई गतिविधि नहीं करनी चाहिए। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने राज्य में पेड़ों की कटाई को बहुत गंभीर बताया। पीठ ने कहा, तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार की रिपोर्ट इसकी खतरनाक तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट से पता चलता है कि बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। इसके अलावा पीठ ने तेलंगाना के मुख्य सचिव से यूनिवर्सिटी के पास की जमीन पर पेड़ काटकर काम शुरू करने की जल्दी पर जवाब मांगा है। साथ ही पूछा है कि क्या राज्य ने इस तरह की गतिविधियों (पेड़ों की कटाई) के लिए पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का असेसमेंट सार्टिफिकेट लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2 अप्रैल को यूनिवर्सिटी के पास की 400 एकड़ जमीन पर पेड़ों की कटाई का संज्ञान लिया था। कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को साइट का दौरा कर रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया था। मामले में अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को लेकर 30 मार्च को विरोध प्रदर्शन किया था। जमीन साफ करने के लिए पुलिस की मौजूदगी में दर्जनों बुलडोजर लाए गए थे। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई थी। वहीं, विपक्षी पार्टी BRS ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते X पर लिखा, कांग्रेस की 'मोहब्बत की दुकान' अब हैदराबाद यूनिवर्सिटी तक पहुंच गई है। राहुल गांधी हाथ में संविधान लेकर उपदेश देते फिर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार इसके विपरीत काम कर रही है। यह मोहब्बत की दुकान नहीं विश्वासघात का बाजार है। BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने कहा, 'राहुल गांधी मुंबई में आरे और छत्तीसगढ़ में हसदेव जंगलों के लिए आवाज उठा चुके हैं। फिर आज जब उनकी पार्टी की सरकार छात्रों पर अत्याचार कर रही है और पर्यावरण नष्ट कर रही है, तो वे चुप क्यों हैं।'
BRS ने आरोप लगाया, पुलिस की मौजूदगी में जमीन को समतल करने के लिए दर्जनों बुलडोजर लाए गए थे। इस दौरान पुलिस ने विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों को डंडों से पीटा। लड़कियां रो रही थीं कि उनके कपड़े फाड़ दिए गए हैं, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें पुलिस स्टेशन ले गई। करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, पुलिस ने कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने वाले 53 छात्रों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। उनमें से कुछ छात्रों ने पुलिस पर हमला भी किया था। उन पर केस दर्ज किया जाएगा।