गढ़चिरोली: महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती अबूझमाड़ से सटे घने और दुर्गम जंगलों में चलाए जा रहे एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों की एक गुप्त हथियार निर्माण इकाई (फैक्ट्री) और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के जखीरे को बरामद करने में सफलता हासिल किया है। अधिकारियों द्वारा शुक्रवार को साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत 27 मई को की गई। सुरक्षा बलों को यह गुप्त सूचना हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले कुछ शीर्ष नक्सलियों से पूछताछ के दौरान मिली थी, जिसके बाद दोनों राज्यों के सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त रणनीतिक अभियान की रूपरेखा तैयार की।
इस अति-संवेदनशील संयुक्त अभियान को गढ़चिरोली पुलिस की विशिष्ट नक्सल विरोधी इकाई सी-60 (C-60) कमांडो ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और बम निरोधक दस्ते (BDDS) के साथ मिलकर अंजाम दिया। सुरक्षा बलों ने नारायणपुर के काकुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र से लगभग सात किलोमीटर दूर घने जंगलों के भीतर छिपे एक बड़े नक्सली ठिकाने पर धावा बोला। वहाँ से जवानों ने एक इंसास (INSAS) राइफल, दो सिंगल-शॉट बंदूकें, दो 12-बोर की बंदूकें और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा, मौके से 25 किलोग्राम वजनी खतरनाक आईईडी (IED), दो क्लेमोर माइंस, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल (BGL) सेल और सात लॉन्चर बरामद किए गए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि नक्सलियों द्वारा हथियार बनाने और मरम्मत के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भारी मशीनरी, जिसमें दो लेथ मशीनें, मोटर्स, ग्राइंडर और सौर ऊर्जा पैनल शामिल थे, को सुरक्षा बलों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने बताया कि नक्सलियों ने यह जखीरा सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाने के लिए जमा किया था, जिसे समय रहते विफल कर माओवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया गया है।