पटना न्यूज डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में बीच सड़क पर ‘कस्टम अधिकारी’ बनकर 15 किलो सोने की लूट ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस वारदात को जिस पेशेवर अंदाज और सटीक प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया, उसने जांच एजेंसियों का ध्यान देश के कुख्यात ‘गोल्ड थीफ’ सुबोध सिंह की ओर खींच लिया है। माना जा रहा है कि इस घटना के पीछे उसी गिरोह का हाथ हो सकता है, जो लंबे समय से बड़े स्तर पर सोना लूटने के लिए बदनाम है।
रविवार को हुई इस वारदात में अपराधियों ने खुद को फर्जी कस्टम अधिकारी बताकर शिकार को रोका और सोने से भरा बैग लेकर फरार हो गए। जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने कई दिनों तक रेकी की थी और बैग में लगे जीपीएस को निकालकर फेंक दिया था। यह तरीका सुबोध सिंह गैंग के पुराने ऑपरेशन स्टाइल से मेल खाता है, जिसमें वे फर्जी पहचान का सहारा लेकर वारदात को अंजाम देते हैं।
बताया जाता है कि सुबोध सिंह पर हत्या, लूट और डकैती के 45 से ज्यादा मामले दर्ज हैं और उसका नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। फिलहाल वह बेउर जेल में बंद है, लेकिन इसके बावजूद उस पर जेल के अंदर से ही अपने गिरोह को ऑपरेट करने के आरोप लगते रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, उसके जेल लौटने के बाद बिहार में इस तरह की घटनाओं में बढ़ोतरी भी देखी गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, उसका गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता है, जिसमें अलग-अलग टीमें रेकी, लूट और माल को ठिकाने लगाने का काम संभालती हैं। इतना ही नहीं, वह तकनीक का इस्तेमाल करते हुए VPN और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए अपने नेटवर्क से जुड़ा रहता है। पुलिस अब इस ताजा लूटकांड को लेकर हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।